VIJAY KUMAR BOHRA
The World Of Stories And Poems
The World Of Stories And Poems
मर्डर ऑन वेलेंटाइन नाइट - 31 " काव्या ने भरपूर कोशिश की। लेकिन वो रिचा की जगह कभी नही ले सकी। " - पलक बता रह…
Read moreमर्डर ऑन वेलेंटाइन नाइट - 30 " अपनी रणनीति के मुताबिक़ पहले वह अपना दुश्मन सिलेक्ट करता है , फिर उससे कोई गलती करवा…
Read moreमर्डर ऑन वेलेंटाइन नाइट - 29 " तुम अभय के बारे में कुछ बता रहे थे ? '' - एकाएक ही रिचा धीमे स्वर में बोल…
Read moreमर्डर ऑन वेलेंटाइन नाइट - 28 " यह है मेरी छोटी सी लाइब्रेरी। " - सौरभ ने लाइब्रेरी के भीतर प्रविष्ट होते हुए…
Read moreमर्डर ऑन वेलेंटाइन नाइट - 27 काव्या आकाश को मन ही मन चाहती थी। ' चाहत ' बहुत छोटा शब्द था। हकीकत में वह आकाश …
Read moreमर्डर ऑन वेलेंटाइन नाइट - 26 " रिचा ! " - यह आवाज़ सुनकर आगे बढ़ती रिचा के कदम एकाएक ही थम गये। वह पीछे घूमी।…
Read moreमर्डर ऑन वेलेंटाइन नाइट - 25 आकाश कैंटीन में एक तरफ उदास - सा बैठा था। उसने कॉफी ऑर्डर की हुई थी। काफी देर हो चुकी थी…
Read moreमर्डर ऑन वेलेंटाइन नाइट - 24 रिंग चोरी की घटना के बाद से ही आकाश मायूस और उदास - सा रहने लगा था। वजह ये नहीं थी कि सब उ…
Read moreमर्डर ऑन वेलेंटाइन नाइट - 23 कार एक घर के सामने रूकी। कार से निकलकर साकेत ने घर के मेनगेट की काॅलबेल बजायी। जल्द ही गेट…
Read moreमर्डर ऑन वेलेंटाइन नाइट - 22 रात के करीब 8 बजे दरवाजे पर दस्तक हुई। मैंने गेट खोला। गेट पर आकाश था। लेकिन वह अकेला नहीं…
Read moreमर्डर ऑन वेलेंटाइन नाइट - 21 आकाश पहले थोड़ा हिला , फिर आंखें मलते हुए उठा। " अरे , पापा ! आप कब आये ? " -…
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ईशा मर्डर केस