मुझे कुछ करना है
मुझे कुछ करना है विजय कुमार बोहरा द्वारा लिखित स्वरचित हिंदी मर्डर मिस्ट्री कहानियाँ, सस्पेंस थ्रिलर उपन्यास, रोमांटिक कहानियां और दिल को छू लेने वाली रोमांटिक कविताएँ।
मुझे कुछ करना है विजय कुमार बोहरा द्वारा लिखित स्वरचित हिंदी मर्डर मिस्ट्री कहानियाँ, सस्पेंस थ्रिलर उपन्यास, रोमांटिक कहानियां और दिल को छू लेने वाली रोमांटिक कविताएँ।
उस बारिश के बाद - 13 “हमारे पास ज्यादा समय नहीं है।” - आकाश चिन्तित स्वर में बोला - “सौरभ को बड़ी मुश्किल से हम इस शह…
Read moreउस बारिश के बाद - 12 संजना और सौम्या डॉक्टर ईशान के घर के भीतर गई। हॉल के आगे एक रूम था, जिसे ईशान ने मरीजों के चैकअ…
Read moreउस बारिश के बाद - 11 शलभ दीवान, सौरभ के पिता सनशाइन स्टील कंपनी के डायरेक्टर थे। वे चाहते थे कि उनका बेटा सौरभ उनका ब…
Read moreउस बारिश के बाद - 10 सौम्या संजना की छोटी बहन थी और शहर के ही आर्ट्स कॉलेज में फाइनल ईयर की स्टूडेंट थी। “…
Read moreउस बारिश के बाद - 9 शहर के उसी आलिशान बंगले में वह व्यक्ति मोबाइल पर किसी से कह रहा था - “तीन साल बाद शहर वापस लौटकर …
Read moreउस बारिश के बाद - 8 बारिश फिर से शुरू हो चुकी थी। सौरभ अपने घर में अपने रूम की ग्लास विंडो से बाहर बारिश की बू…
Read moreउस बारिश के बाद - 7 “क्या हुआ था ऐसा ?” - संजना ने पूछा। “आकाश।” - सौरभ बता रहा था। - “आकाश मेरा बेस्ट फ्रेंड था। मे…
Read moreउस बारिश के बाद - 6 कहने को तो संजना कह गई। लेकिन फिर उसका मतलब समझकर एकाएक ही उसे जोर से हँसी आ गई। सौरभ हँसा त…
Read moreउस बारिश के बाद - 5 कार पार्क करके सौरभ रेस्टोरेंट में दाखिल हुआ। उसने अपने पसंदीदा ब्रेकफास्ट का ऑर्डर दिया ही थ…
Read moreउस बारिश के बाद - 4 सौरभ पुरोहित कैफे से निकलकर अपनी कार में बैठा और ड्राइव करते हुए घर की तरफ बढ़ने लगा। वह समझ …
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ईशा मर्डर केस