उस बारिश के बाद - 32
बात उस समय की है जब जयपुर शहर के आर्ट्स कॉलेज में एक ही क्लास में पढ़ने वाले आकाश, सौरभ और अंकिता ने अपने फाइनल ईयर के एग्जाम क्लियर कर लिए थे।
“सौरभ! अब तो हमारी एजुकेशन भी पूरी हो गई है।” - एक शाम शहर के ही एक रेस्टोरेंट में डिनर करते हुए अंकिता सौरभ से बोली - “तुम अपने मां - पिताजी से हमारी शादी के बारे में कब बात करने वाले हो ?”
अंकिता की बात पर डिनर करते हुए सौरभ ने सिर उठाकर देखा।
अंकिता की आंखों में उसे एक तरह की चमक दिखाई दी।
नहीं, यह खुशी की चमक नहीं थी। यह तो इमोशनल होने की वजह से उसकी आँखें नम होने की चमक थी। सौरभ को लगा कि बस एक ही पल बाद वह रो पड़ेगी।
“मैं बहुत जल्द अपने घर बात करता हूं अंकिता!” - सौरभ जल्दी से बोला - “तुमको इतनी जल्दी क्यों है ?”
“मुझे जल्दी नहीं है सौरभ! लेकिन तुमको शायद पता नहीं है कि अपनी स्टडी पूरी कर लेने के बाद एक लड़की को सिर्फ एक ही बात की सबसे ज्यादा चिन्ता होती है।”
“किस बात की ?”
“शादी की सौरभ!... हर लड़की के माता - पिता उसकी पढ़ाई पूरी होते ही उसकी शादी की फिक्र करने लगते हैं और मुझे इस बात का डर है कि अगर हमारे कुछ कर पाने से पहले ही मेरे मम्मी - पापा ने मेरी शादी किसी और के साथ तय कर दी, तो क्या होगा ?”
“कुछ नहीं होगा अंकिता!” - सौरभ उसे दिलासा देते हुए बोला - “मैं कल सुबह ही अपने माता - पिता से हमारी शादी के बारे में बात करता हूं।…मेरे पापा जब मेरा रिश्ता लेकर तुम्हारे घर आयेंगे तो तुम्हारे मम्मी - पापा हमारी शादी के लिए जरूर मान जायेंगे।”
सौरभ की बात सुनकर अंकिता को थोड़ी राहत मिली। उसे सौरभ पर खुद से भी ज्यादा भरोसा था। वह जानती थी कि सौरभ अपनी बात से कभी पीछे नहीं हटता।
लेकिन, सौरभ तो कल सुबह बात करने वाला था और कल सुबह और आज के बीच पूरी एक रात बाकी थी।
ये साधारण रात नहीं थी। यह तो कयामत की ऐसी रात थी, जो सौरभ और अंकिता की जिन्दगी में एक बवंडर लेकर आने वाली थी। एक ऐसा बवंडर, जो इन दोनों के साथ - साथ सौरभ के बेस्ट फ्रेंड आकाश की भी जिन्दगी तबाह कर देने की तैयारी कर चुका था।
***
डिनर के बाद सौरभ ने अपनी बाइक से अंकिता को उसके घर ड्रॉप किया।
अंकिता जब घर पहुंची तब रात के 8 बजे हुए थे। डिनर के लिए तो वह पहले ही कॉल करके मां को मना कर चुकी थी। पिताजी एक गवर्नमेंट ऑफिस में क्लर्क थे तो नॉर्मली 7 बजे तक घर आ ही जाते थे। इस समय वे डिनर कर चुके थे।
उनके कमरे से आती टीवी की आवाज इस बात का संकेत थी कि वे डिनर कर चुके थे। वे अक्सर डिनर के ठीक बाद टीवी पर न्यूज देखा करते थे।
मां हमेशा की तरह अभी तक किचन में पीछे छुटे हुए काम को समेटने में व्यस्त थी।
अंकिता सीधी किचन में पहुंची और मां के काम में हाथ बंटाने लगी।
करीब आधे घंटे बाद जब किचन का काम खत्म हुआ तो वह अपने रूम में पहुंची, जो ग्राउंड फ्लोर पर ही था।
रूम में आकर अभी वह बेड पर लेटी ही थी कि उसका मोबाइल बज उठा।
अंकिता ने उठकर मोबाइल की स्क्रीन पर निगाह डाली। उस पर कोई अननोन नंबर फ्लैश हो रहा था।
“पता नहीं कौन है ये!” - सोचते हुए अंकिता ने कॉल रिसीव की।
“हैलो, अंकिता! हाऊ आर यू ?” - मोबाइल के दूसरी तरफ से आने वाली वह आवाज अंकिता के लिए बिल्कुल अपरिचित थी।
“कौन बोल रहा है ?” - अंकिता ने हैरत भरी आवाज में पूछा।
“तो सौरभ के साथ जिन्दगी जन्नत बनाने का ख्वाब देख रही हो!... वाह! मतलब तुम्हारी तो निकल पड़ी।” - मोबाइल के दूसरी तरफ से जो कुछ कहा जा रहा था, उसे सुनकर अंकिता घबरा उठी।
“क.. कौन बोल रहा है ?... और तुमको क्या मतलब मेरी पर्सनल लाइफ से ?” - घबराहट भरे स्वर में अंकिता ने पूछा।
“न.. न.. न!... तुम्हारी लाइफ से नहीं, मुझे सौरभ की लाइफ से मतलब है।”
“सौरभ की लाइफ से!.. तुम क्या कहना चाहते हो ?”
“चलो, मैं तुमको शॉर्ट में समझा देता हूं कि मैं क्या चाहता हूं।”
“क्या चाहते हो ?”
“सौरभ से शादी करने का विचार अपने दिमाग से निकाल दो और उसके मन में ऐसी गलतफहमी पैदा करो, जिससे उसे लगे कि तुम उससे नहीं, आकाश से प्यार करती हो।”
“य.. ये.. ये कैसे हो सकता है ?” - अंकिता चीखते हुए बोली - “मैं ऐसा क्यों करूं ? और तुम हमारे बारे में ये सब कैसे जानते हो ?”
“तुम्हारे सवालों का जवाब देने का न तो मेरा मूड है और न ही मेरे पास इतना टाइम है।” - सामने से भारी - भरकम और गंभीर आवाज में कहा गया - “जो दो काम करने के लिए मैने तुमको कहा है, वे दोनों ही काम तुमको करने होंगे। अगर तुमने ऐसा नहीं किया तो…”
इसके बाद उस व्यक्ति ने जो कुछ कहा, वो सीधी - सीधी धमकी तो थी ही। इसके साथ ही अंकिता के लिए उसकी जानकारी अविश्वसनीय भी थी।
“मैं कैसे मान लूं कि जो तुम कह रहे हो, वो सब सच है ?”
अंकिता के इस मासूम से सवाल पर मोबाइल के दूसरी तरफ से एक जोरदार और डरावनी सी हँसी की आवाज सुनाई दी। जब उस आदमी की हँसी रुकी तो वह बोला - “मैं केवल हवाई बातें नहीं कर रहा हूं। जो कुछ मैंने बोला है, उसे साबित करने के लिए मैं तुम्हारे वॉट्सएप पर एक वीडियो भेज रहा हूं। उस वीडियो को देखने के बाद तुमको यकीन हो जाएगा कि जो मैं कह रहा हूं, उसको प्रमाणित करने की क्षमता भी रखता हूं।…इसके बाद तुम चाहो तो मुझ पर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाकर पुलिस के पास जा सकती हो, या चाहो तो सौरभ को सब कुछ बता सकती हो। लेकिन इन दोनों में से कुछ भी करने की कोशिश तुमने की, तो ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो जाएगा।”
उस धमकी को सुनते ही अंकिता ने कॉल कट कर दी और अपने मोबाइल का इंटरनेट ऑन करके उस ब्लैकमेलर के वॉट्सएप msg का इंतजार करने लगी।
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