उस बारिश के बाद - 17
सौम्या की तेज चलती गर्म सांसों से ईशान को अपने होंठों पर तेज चुभन महसूस हो रही थी। वह अपने चेहरे को सौम्या के चेहरे से दूर हटाने की कोशिश कर रहा था। लेकिन सौम्या अपने दोनों हाथों से उसके गालों को थामे रखकर उसकी इस कोशिश को नाकाम कर रही थी।
कुछ ही देर बाद ईशान, सौम्या के गले को अपने होंठों से छू रहा था। सौम्या ने उसके सिर को थोड़ा सा नीचे धकेलकर उसे अपने सीने तक पहुंचा दिया। वह ईशान के सिर को थामे उसे अपने सीने में धकेलने लगी।
***
शाम को 8 बजे घर से निकली सौम्या अगले दिन सुबह घर पहुंची।
संजना उसे ब्रेकफास्ट की टेबल पर मिली।
“कल रात तो सच में बुरी तरह से फंसी।” - सामने संजना को देखते ही सौम्या बोली।
“हां। कितनी तेज बारिश थी। लग रहा था कि प्रलय ही आ गई हो।” - सौम्या की बात से सहमत होते हुए संजना बोली - “अच्छा हुआ, जो तूने मुझे msg करके बता दिया था कि तुम लोग सेफ हो।…शुरू में तो मुझे बहुत टेंशन हो गई थी।”
“हां! हम लोग मूवी का नाइट शो खत्म करके आ ही रहे थे कि रास्ते में बारिश शुरू हो गई।” - सौम्या आगे बढ़कर सीधे संजना की आंखों में देखते हुए बोली - “पहले तो ईशान ने बाइक एक बन्द शॉप की शेड के नीचे खड़ी की और हम लोगों ने कुछ देर वेट किया। अभी बारिश हल्की - हल्की ही थी। हमें लगा कि थोड़ी देर में बंद हो जाएगी। लेकिन, वह तो तेज होती चली गई और पूरी रात पानी बरसता रहा। सारी रात हमें उसी शॉप के बाहर रुकना पड़ा।”
“इट्स ओके।…तुम्हारा msg मिलने के बाद मैं रिलैक्स हो गई थी, क्योंकि ईशान साथ था ना!” - संजना बोली - “तू तो पूरी रात सो नहीं पाई होगी!”
सौम्या ने ' ना ' में सिर हिलाया।
“ठीक है। तो तू जाकर रेस्ट कर ले। मैं ब्रेकफास्ट करके ऑफिस के लिए निकलती हूं।”
“ओके।” - बोलने के साथ ही सौम्या सीढ़ियां चढ़ते हुए अपने रूम की तरफ चली गई।
सौम्या शुरू से ही तेज लड़की रही थी। ऊपर से उसने जन्नत मूवी कई बार देख ली थी। मूवी के मेन कैरेक्टर अर्जुन की तरह ही वह भी किसी की भी आंखों में देखकर झूठ बोल लेती थी। लेकिन, एक फर्क था।.. मूवी में अर्जुन के पिता जानते थे कि वह किसी की भी आंखों में आँखें डालकर झूठ बोल लेता है। पर, सौम्या के साथ ऐसा नहीं था। उसकी बहन संजना नहीं जानती थी कि वह बड़े से बड़ा झूठ भी बड़ी आसानी से बोल लेती थी।
सौम्या ने रूम का गेट भीतर से बंद किया और पर्स में से मोबाइल निकालकर वॉट्सएप ओपन किया।
वॉट्सएप पर उसने ईशान की चैट ओपन करके msg टाइप किया - “Hii..feeling Happy. I Love you.what about you.”
इसके बाद उसने msg send कर दिया।
फिर बेड पर लेटकर वह ईशान के विचारों में खो सी गई।
***
ईशान उठकर हॉस्पिटल जाने के लिए तैयार हो रहा था। सुबह उठने से लेकर ब्रेकफास्ट करने तक हर पल वह संजना के बारे में ही सोचना चाह रहा था। लेकिन , सोच नहीं पा रहा था।
वजह यह थी कि सौम्या का चेहरा उसकी नजरों से हट ही नहीं रहा था। सौम्या की चंचलता, उसकी एक - एक स्टाइल उसके दिल में बस चुकी थी। उसे तो ये भी लग रहा था कि संजना सिर्फ उसका क्रश थी। लेकिन सौम्या से तो शायद उसे प्यार ही हो गया था।
ब्रेकफास्ट करते हुए वह मोबाइल स्क्रॉल कर रहा था। इसी समय उसके वॉट्सएप पर सौम्या का msg आया - “Hii..feeling Happy. I Love you.what about you.”
Msg पढ़ते समय उसके चेहरे पर मुस्कुराहट और दिल में खुशी की एक लहर उठी।
उसने सौम्या के msg का रिप्लाई देते हुए msg टाइप किया - “same here. Love you too.”
***
संजना स्कूटी स्टार्ट कर ऑफिस की तरफ चल पड़ी। रास्ते में वह सौरभ के बारे में ही सोच रही थी। सोचते हुए एक बात का उसे बहुत ज्यादा अफसोस हो रहा था।
उसके पास सौरभ का कॉन्टैक्ट नंबर नहीं था। कितना अच्छा होता, अगर उस दिन दूसरी मुलाकात के वक्त वह सौरभ से उसका मोबाइल नंबर ले पाती। लेकिन, कैसे लेती ! उसे तो इसका खयाल भी नहीं आया था!
“अब जब भी सौरभ से मिलूंगी, तो उसका मोबाइल नंबर जरूर उससे ले लूंगी।” - संजना ने सोचा।
लेकिन, इतने बड़े शहर में सौरभ से फिर से मुलाकात होना तो बस किस्मत पर ही निर्भर था।
सौरभ के ख्यालों में खोई संजना कब ऑफिस पहुंच गई, पता ही नहीं चला।
***

2 Comments
आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों के आनन्द में शनिवार 04 एप्रिल, 2026 को लिंक की जाएगी .... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा ... धन्यवाद!
ReplyDeleteजी आपका हार्दिक आभार 🙏
ReplyDelete