मर्डर ऑन वेलेंटाइन नाइट - 23

मर्डर ऑन वेलेंटाइन नाइट - 23

कार एक घर के सामने रूकी।

कार से निकलकर साकेत ने घर के मेनगेट की काॅलबेल बजायी।

जल्द ही गेट खुला।

" आइये सर ! " - पलक उत्साह भरे स्वर में बोली।

साकेत ने घर के भीतर कदम रखा।

घर काफी बड़ा और सुन्दर तरीके से सजा हुआ था।

वे पलक के रूम में पहुंचे।

रूम औसत से थोड़ा बड़ा था।

" रूम काफी अच्छा है। " - एक कुर्सी पर बैठते हुए साकेत बोला।

" थैंक्स ! "

" घर में और कौन - कौन है ? " - साकेत ने बस यूँ ही औपचारिकतावश पूछा।

" मम्मी , पापा और एक छोटा भाई रवि। रवि 12वी में पढता है। "

" अच्छा ! " 

" आप काॅफी लेंगे या काॅल्ड ड्रिंक वगैरह ? "

" इन सबकी कोई जरूरत नहीं। " - साकेत बोला - " काॅलेज में तो तुम मेरी बात तक नहीं सुनना चाह रही थी। फिर यूँ अचानक घर बुलाने की वजह ? "

" मैं सच जानना चाहती हूँ। " - पलक पास ही रखी एक दूसरी कुर्सी पर बैठते हुए बोली।

" सच ? " - साकेत चौंका।

" मैं जानना चाहती हूँ कि मेरी रिंग किसने चुरायी थी ?...आकाश ने या फिर किसी और ने ? " 

साकेत मुसकराया - " क्या मैं जान सकता हूँ कि एक महीने पुरानी वह घटना , जिसे हर कोई भूला चुका है ; उसमें एकाएक ही तुम्हारी दिलचस्पी इतनी क्यों बढ़ गयी है ? "

पलक ने बताया - " मेरी रिंग आकाश के बैग से बरामद हुई थी , इसीलिये मैं पूर्ण रूप से आश्वस्त थी कि रिंग चोर आकाश ही है। लेकिन काॅलेज में आपने जो कुछ बताया , उससे अब मुझे यह लगने लगा है कि हो सकता है कि रिंग चोर कोई और हो और आकाश निर्दोष हो। अगर ऐसा हुआ...अगर आकाश निर्दोष हुआ तो मैं खुद को कभी माफ नहीं कर सकूंगी , क्योंकि उस रिंग चोरी की घटना की वजह से आकाश की लाइफ बर्बाद हो गयी थी , रिचा से उसका ब्रैकअप हो गया था और अगर आकाश निर्दोष हुआ तो मुझे लगेगा कि इन सबकी जिम्मेदार मैं हूँ। "

" जब तक हकीकत सामने नहीं आ जाती , किसी तरह का अफसोस करने की जरूरत नहीं है। " - साकेत बोला - " यह तो हम जानते ही हैं कि रिंग चोर तुम्हारी क्लास का कोई लड़का है , इसके अतिरिक्त लापता होने वाली दोनों लड़कियां सलोनी और काव्या तुम्हारी ही क्लासमेट थी। इतना ही नहीं , वेलेंटाइन की रात को जिस रिचा का कत्ल हुआ , वह भी उसी क्लास की स्टूडेंट थी।...इसका मतलब समझती हो ?...इसका मतलब यह है कि तुम मेरी काफी मदद कर सकती हो। " 

" मैं बस ये जानना चाहती हूँ कि मेरी रिंग किसने चुरायी थी ? "

" तुम्हें किसी पर संदेह है ? "

" आकाश पर था , लेकिन अब किसी पर नहीं है। "

" आकाश रिचा के अलावा किसी और के साथ भी रिलेशनशिप में था ? "

" नहीं। "

साकेत चौंका।

" तुम्हें अच्छे से पता है ? " 

" हाँ। " - पलक ने बताया - " आकाश और रिचा पिछले 3 सालों से रिलेशनशिप में थे। आकाश के साथ रिचा के अलावा किसी और का नाम मैंने तो कभी नहीं सुना। "

" रिचा से ब्रैकअप के बाद कोई और लड़की आकाश की लाइफ में आयी हो ? "

पलक ने अजीब नजरों से साकेत की ओर देखा।

" आप कुछ छिपा रहे हैं ? "

" क्या ? " - साकेत हैरत में था।

" आपको पता है कि रिचा से ब्रैकअप के बाद आकाश की लाइफ में कोई और लड़की आयी थी ! "

" हाँ। "

" और आपको उसका नाम भी पता है ? " 

" हाँ। "

" जब आप इतना सब जानते हैं , तो फिर सीधे क्यों नहीं पूछ रहे हैं ? "

" क्या मतलब ? "

" मतलब यह है कि जो बात आपको पहले से ही पता है , उसके बारे में अंजान बनकर , उसी के विषय में सवाल पूछने की क्या जरूरत है ? "

" मुझे जो पता है , वो कन्फर्म नहीं है और इसीलिये मैं बस कन्फर्म कर रहा था। " 

" काॅलेज से संबंधित सारी कन्फर्म इंफाॅर्मेशन मैं आपको दे दूंगी। बस आप ये बताइये कि आपको क्या - क्या पता है ? "

" मैं काव्या के घर गया था , वहां से मुझे…" - साकेत ने अपनी पाॅकेट से एक पेपर निकालकर पलक को दिखाते हुए कहा - " ...ये मिला। "

पलक ने देखा।

यह वही पेपर था , जिस पर वे तीन मैजिक वर्ड ' आइ लव आकाश ' लिखे हुए थे।

" इसमें कौनसी बड़ी बात है। " - पलक ने पेपर दोबारा साकेत को थमाते हुए उपेक्षा से कहा - " काव्या अगर आकाश से प्यार करती थी , तो इसका यह अर्थ तो नहीं कि वे रिलेशनशिप में थे ! "

" मैं समझा नहीं। "

" सर ! काॅलेज में यह सब चलता रहता है। " - पलक लापरवाही से बोली - " दोस्ती का प्यार में बदलना , प्यार में ब्रैकअप होना और किसी और पर चांस मारना। "

" मैं अब भी नहीं समझा। "

" अरे सर ! काव्या आकाश से प्यार करती थी , लेकिन आकाश रिचा से प्यार करता था।...एक तरह से कह सकते हैं कि काव्या ' वन साइड लवर ' थी। "

" इसका मतलब , आकाश काव्या से प्यार नहीं करता था और वे रिलेशनशिप में नहीं थे ! "

" हाँ , सही कहा। " - कहते हुए पलक कुछ सोचने लगी।

" क्या हुआ ? " - साकेत ने पूछा।

" ब्रैकअप के बाद...रिचा और आकाश के ब्रैकअप के बाद काव्या ने रिचा की जगह लेने की कोशिश की थी। " 

पलक ने यह बात इतने आकस्मिक ढंग से कही थी कि साकेत बुरी तरह से चौंक उठा।

उसके मस्तिष्क में कई - कई बिजलियां एक साथ कौंध उठी।

" क्या कहा तुमने ? " - अचरज भरे लहजे में साकेत ने पूछा।

" काव्या ने रिचा की जगह लेने की कोशिश की थी , दूसरे शब्दों में कहूँ तो उसने आकाश पर चांस मारने की कोशिश की थी। "

" मतलब , रिचा से आकाश का ब्रैकअप काव्या के लिये फायदेमंद साबित हुआ था। "

" हाँ , हुआ तो था। "

" ब्रैकअप के बाद काव्या और आकाश के बीच जो कुछ हुआ , वो तुम मुझे बता सकती हो ? "

" जरूर। " - कहते हुए पलक ने बताना शुरू किया।


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