उस बारिश के बाद - 34
सौरभ तो अगली सुबह ही अपने मां - पापा से उसकी और अंकिता की शादी के बारे में बात करने वाला था। लेकिन रात 9 बजे के करीब उसके पास चंचल का कॉल आ गया। चंचल उसी के कॉलेज में थी।
चंचल ने उसे अंकिता और आकाश के अफेयर के बारे में बताया और उस पब में आने को कहा। वहां आकर सौरभ ने जो कुछ देखा, उसके बाद उसे पूरा यकीन हो गया कि अंकिता ने उसके साथ धोखा किया है।
पब में सोफे पर हताश होकर बैठे सौरभ ने तय कर लिया था कि अब अंकिता के साथ उसका रिश्ता टूट चुका है।
उसके बेस्ट फ्रेंड आकाश ने ही उसकी जिन्दगी अंकिता को उससे छीन लिया था।
“मैं जानती हूं सौरभ! कि इस समय तुम कैसा फील कर रहे हो।” - चंचल उससे कह रही थी - “लेकिन, तुम्हें सच्चाई बतानी जरूरी थी। नहीं तो अंकिता ने तो तुम्हारे साथ दगा करने में कोई कसर नही छोड़ी थी।”
“इसमें तुम्हारी कोई गलती नहीं है चंचल! तुमने एक अच्छी दोस्त होने का फर्ज निभाया है।” - कहने के साथ ही सौरभ उठा और वहां से बाहर की तरफ चला गया।
उसके जाने के बाद अंकिता और आकाश चंचल के पास आए।
“थैंक यू चंचल!” - अंकिता बोली।
“ये थैंक यू वगैरह रहने दो और मुझे बताओ कि आखिर ये सब हो क्या रहा है ?” - चंचल ने कहा - “तुमने सौरभ के साथ ऐसा क्यों किया ?... कितना दुखी हो गया था वो ?”
“ये अभी नहीं बता सकती।” - अंकिता मजबूरी भरे लहजे में बोली - “बस इतना समझ लो कि इसी में सौरभ की भलाई है।”
***
“उम्मीद करती हूं कि तुमको अब सारी बात समझ में आ गई होगी।” - अंकिता ने सौरभ को तीन साल पहले की घटनाएं बताते हुए कहा - “ये जो कुछ भी हुआ, उस सबकी वजह वो वीडियो ही था। अगर मुझे उस वीडियो के वायरल होने का डर न होता, तो न तो कभी मैं आकाश से प्यार का नाटक करती और न ही तुमको किसी गलतफहमी में रखती।”
“वाह! वाह!.. क्या गजब स्टोरी बनाई है तुमने! तुमको तो राइटर होना चाहिए। कहानी बनाने के इतने कमाल के आइडिया लाती कहां से हो तुम ?” - व्यंग्यात्मक लहजे लगभग हँसी उड़ाते हुए सौरभ बोला।
“तुमको अब भी ये सब मजाक लग रहा है। तुम अब भी मेरी कही बातो पर यकीन नहीं कर पा रहे हो ना!” - अंकिता उदास स्वर में बोली।
लेकिन, अब वह पिछली बार की तरह न तो रो रही थी और न ही वहां से भागने का कोई इरादा रखती थी। क्योंकि अब उसके पास ब्रह्मास्त्र जैसे अन्तिम हथियार के रूप में वह वीडियो था, जिसे सौरभ को दिखाने का दृढ़ निश्चय वह कर चुकी थी।…यह वीडियो उसके पास पिछली बार भी था, लेकिन तब वह इसे सौरभ को दिखाकर उसकी जिन्दगी में भूचाल नहीं लाना चाहती थी।
अब तो भले ही प्रलय आ जाए, अंकिता अपने निर्णय से पीछे हटने वाली नहीं थी।
“यकीन करने जैसी कोई बात हो तो यकीन करूं भी।” - सौरभ बोला - “और वैसे भी ये सब जो तुमने मुझे अब बताया, वो सब पहले क्यों नहीं बता पाई।…अब बता रही हो, पूरे तीन साल बाद ? और उस वीडियो में ऐसा क्या था कि तुम ब्लैकमेल होने को तैयार हो गई, दो दोस्तों के रिश्ते को तोड़ने को तैयार हो गई, चंचल जैसी मासूम लड़की तक को अपने इस गन्दे खेल में शामिल कर लिया ?”
“ये तो तुम वीडियो देखकर जान ही जाओगे।”
“अच्छा! तो दिखाओ जरा, मैं भी तो देखूं कि इस वीडियो में ऐसा है क्या ?” - कहते हुए सौरभ ने अंकिता के मोबाइल को हाथ में लिया।
अंकिता ने पहले ही उसमें ब्लैकमेलर की वॉट्सएप चैट ओपन कर दी थी। उसमें ब्लैकमेलर का भेजा एक ही msg दिख रहा था। वह msg एक वीडियो की शक्ल में था।
“इस वीडियो को देखने से पहले एक नजर उस तारीख पर डालो, जबकि यह मुझे भेजा गया था।” - अंकिता ने कहा।
सौरभ ने msg भेजे जाने की तारीख देखी, जो कि चैट में सबसे ऊपर अंकित थी - 27 दिसंबर, 2022
27 दिसम्बर, 2022 सौरभ की ज़िन्दगी का वो स्याह काल था, जिसे वह मरते दम तक नहीं भूल सकता था। यही वो मनहूस दिन था, जबकि उसे अंकिता और आकाश के अफेयर के बारे में पता चला था। उसकी जिंदगी में ऐसा सैलाब आया था, जिससे उबरने के लिए उसे शहर तक छोड़ देना पड़ा था।
“ये वही दिन है, जिसके बाद से हम सबकी ज़िन्दगी तबाह होनी शुरू हो गई थी और उसकी वजह यही वीडियो है।” - अंकिता आवेश भरे लहजे में बोली - “अगर अब तुमको मेरी बात पर यकीन हो गया हो तो प्लीज सौरभ! ये वीडियो मत देखो।”
“है क्या इस वीडियो में ऐसा, जो इसकी वजह से इतना बड़ा बखेड़ा खड़ा हो गया!” - सौरभ गुस्से में बोला - “और यही वीडियो दिखाने के लिए तो तुमने मुझे यहां बुलाया था। फिर अब क्यों रोक रही हो मुझे ये वीडियो देखने से !”
“तो क्या तुमको अभी तक मेरी बात पर विश्वास नहीं हुआ ?... क्या तुमको ऐसा लगता है कि जो कुछ भी मैंने बताया है, वो सब झूठ है ?”
“अगर ये वीडियो तुम्हारी हर बात सच साबित कर सकता है, अगर ये वीडियो तुमको बेगुनाह साबित कर सकता है, तो तुम मुझे इसको देखने से क्यों रोक रही हो ?”
“ये वीडियो तुम्हारी जिन्दगी में भूचाल ले आएगा सौरभ!... तुम…तुम टूटकर बिखर जाओगे!”
“पहले से ही क्या कम भूचाल आए हुए हैं…पहले से ही क्या कम टूटा हुआ हूँ!... अगर ये वीडियो तुमको बेगुनाह साबित कर सकता है, तो फिर चाहे प्रलय ही क्यों न आ जाए, मुझे कोई परवाह नहीं।” - कहने के साथ ही सौरभ ने वीडियो को प्ले कर दिया।
अंकिता वहीं नीचे घुटनों के बल बैठ गई। अपने दोनों हाथों से उसने अपना मुंह ढंक लिया और जोर - जोर से रोने लगी।
“ये मैंने क्या कर दिया!... मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था!.... अब…अब क्या होगा ?... सौरभ!... सौरभ!... प्लीज खुद को संभालना और मैं इस काबिल तो नहीं, लेकिन फिर भी हो सके तो मुझे माफ कर देना!... मुझसे गलती हो गई!... मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई!” - अंकिता रोते जा रही थी और इस तरह बोले जा रही थी, जैसे कि वह पागल हो गई हो!
रोते समय रह - रहकर उसका शरीर कांप रहा था। उसकी आंखों से आंसुओं की धाराएं बह रही थी। उसकी हथेलियां आंसुओं से भीग चुकी थी।
इधर सौरभ ने जब वह वीडियो देखा, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसे ऐसा लग रहा था, जैसे कि इस समय वह जमीन पर खड़ा न होकर हवा में उड़ रहा हो!... देखे हुए पर देखकर भी वह यकीन नहीं कर पा रहा था।…यह कैसे हो सकता था!.. यह कैसे संभव था!
“य…यह.. यह सच नहीं हो सकता!... ये सब झूठ है!” - तेजी से चिल्लाते सौरभ के हाथ से मोबाइल छूटकर नीचे गिर पड़ा।
जोर - जोर से रोती और अनर्गल प्रलाप करती अंकिता को तब होश आया, जबकि सौरभ जोर से चीखा था!
वह जल्दी से उठी और सौरभ के गले लगकर उसे शान्त करने की कोशिश करने लगी।
“प्लीज सौरभ! संभालो खुद को।…मुझे माफ कर दो। मेरे पास और कोई रास्ता बचा ही नहीं था।”
सौरभ ने जो कुछ देखा था, उससे वह खुद को बिल्कुल अकेला महसूस करने लगा था। ऐसे में अंकिता के उसे लगाने से उसे काफी सहारा मिला। लेकिन, जो तकलीफ उसे हो रही थी, वह तो जरा भी कम नहीं हुई।
“तुम क्यों माफी मांग रही हो। इसमें तुम्हारी क्या गलती!... तुमने तो मेरे ही बारे में सोचकर तीन साल से ये बात मुझसे छिपाकर रखी।…मै कितना बेवकूफ था, जो तुमको गलत समझता रहा, बेवफा, धोखेबाज और न जाने क्या - क्या समझता रहा!... जबकि तुम तो बिल्कुल बेगुनाह थी।”
कुछ देर बाद जब सौरभ की हालत थोड़ी स्थिर हुई, तो उसने अंकिता से पूछा - “लेकिन, एक बात समझ नहीं आई। जिस बात को तुमने मुझसे तीन साल तक छिपाकर रखा, उसे अब बताने की जरूरत क्यों पड़ गई ?... मैं तो सब कुछ छोड़कर इस शहर से जा चुका था, फिर मुझे वापस क्यों बुलाया ?... क्या तीन सालों तक तुमको मेरी याद नहीं आई ?”
“तुम्हारे सवालों के जवाब दूंगी सौरभ!” - अंकिता अपने हाथों की अंगुलियों से अपने आंसू पोंछते हुए बोली - “जब तुम्हारी जिन्दगी में प्रलय लेकर आने वाला ये वीडियो तक तुमको दिखा दिया है, तो बाकी बातें छिपाकर रखने से भला क्या फायदा!... आज तुमको तुम्हारे सारे सवालों के जवाब मिलेंगे सौरभ!”

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